Tuesday, November 7, 2017

अब तो 365 दिन बीत गए फेकुजी, न काला धन...


अब तो 365 दिन बीत गए फेकुजी, न काला धन वापस आया, न आतंकवादी हमले बंध हुए और न ही 8 नवंबर 2016 को आपके द्वारा बताए गए कोई और उद्देश्य पुरे हुए, किस चौराहे पर मिलेंगे आप?



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साहब हमने तो "वर्तमान" में जीना ही छोड़ दिया है...

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